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क्यों थे द्रौपदी के पांच पति

महाभारत ग्रंथ के अनुसार एक बार राजा द्रुपद पांडवों से पराजित होने के कारण परेशान थे। जब से द्रोणाचार्य के कारण युद्ध में उनकी हार हुई, उन्हें एक पल भी चैन नहीं था। राजा द्रुपद चिंता के कारण कमजोर हो गए। वे द्रोणाचार्य को मारने वाले पुत्र की चाह में एक आश्रम से दूसरे आश्रम […]






बाल कहानी – कैद और रिहाई

उपासना बेहार एक बार बहेलिया और उनके साथियों ने जंगल में चिड़ियों को पकड़ने के लिए एक जगह पर ढेर सारा अनाज फैला दिया था. जंगल के सभी पक्षी अनाज के लालच में उसे खाने के लिए चल पड़ते हैं तब एक बुद्धिमान तोता मणि उन्हें जाने से मना करता है और सभी को समझाता […]






घटता निर्यात और बढ़ती बेरोजगारी

जावेद अनीस पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने हर साल 2.5 करोड़ नौकरी देने का वादा किया था,लेकिन अभी तक ऐसा हो नहीं पाया है और नौकरियाँ बढ़ने के बजाये घट रही हैं. इसके पीछे का मुख्य कारण निर्यात क्षेत्र में लगातार आ रही कमी को बताया जा रहा है.निर्यात के क्षेत्र में […]






मुर्गे का सुरीला गाना

उपासना बेहार राधेश्याम किसान गावं से दूर अपने खेत में घर बना कर रहते थे, उनके पास एक मुर्गा था, कई साल पहले जब मुर्गा छोटा चूजा था तब राधेश्याम बाबा उसे बाजार से खरीद कर लाये थे, तब से ही वह उनके साथ रहता आ रहा था. राधेश्याम मुर्गे को अपने बच्चे जैसा प्यार […]






अब तो दूर हो शिक्षण के राह की बाधायें

 प्रदीप कुमार साह शिक्षक हैं नहीं, कैसे हो पढ़ाई? इस समाचार-शीर्षक से दैनिक जागरण के चौथे पृष्ट पर भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों के आभाव में पठन-पाठन बाधित होने से संबंधित एक खबर छपी.जिसमें बताया गया कि उक्त कॉलेज राज्य के सर्वश्रेष्ठ तकनीकी संस्थान सूची में शुमार हैं.किंतु सिविल, इलेक्ट्रिकल,मेकेनिकल, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड […]






खेत के रखवाले

  उपासना बेहार मानपुर गाँव के पास एक बड़े से पेड़ में चिड़िया और उसका बच्चा रहते थे। वो दोनों रोज सुबह खाने की खोज में जाते और अनाज के दाने खा कर शाम तक आ जाते। एक दिन चिडि़या की तबीयत ठीक नही थी। इसलिए उसने अपने बच्चे से कहा ‘बेटा आज मेरी तबीयत […]






स्मार्ट सिटी और बच्चे

जावेद अनीस पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा शहरी विकास के लिए 3 नये मिशन “अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत)”, “सभी के लिए आवास मिशन” और बहुचर्चित “स्मार्ट सिटी मिशन” की शुरुआत करते हुए इन्हें शहरी भारत का कायाकल्प करने वाली परियोजनाओं तौर पर पेश किया गया था. इनके तहत 500 नए शहर विकसित करने, […]






उलट बांसियां अर्थात् मीडिया की विसंगतियाँ

डा. रुद्रदत्त चतुर्वेदी कुछ माह पूर्व साप्ताहिक पत्र ’’मुक्त विचारधारा’’ एवं ’’सत्य मेव इण्डिया डाट काॅम वेबसाइट’’ पर इंजीनियर शिखर चतुर्वेदी इटावा का एक मिनी लेख कबीर की उलट बांसियां पढ़ा था चूंकि मथुरा के जवाहर बाग में 270 एकड़ पर एक विवादास्पद परन्तु धाकड़ व्यक्ति का कब्जा था जिसे हटवाने गये पुलिस के दो […]






अब सभी को सभी से खतरा है

जावेद अनीस देश की राजधानी दिल्ली में डॉक्टर पंकज नारंग की मामूली झगड़े के बाद जिस तरह पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी वह दहला देने वाला है, इस हत्या को अंजाम देने वालों में चार नाबालिग भी थे.यह हमारे समाज के लगातार हिंसक और छोटी-छोटी बातों पर एक दूसरे के खून के प्यासे होते जाने […]






काका की उदारता

डा0 रूद्रदत्त चतुर्वेदी, लखनऊ साहित्य अमृत-मार्च, पृष्ठ 5 ’’काका के कहकहे’’ शीर्षक प्रतिस्मृति पढ़ा। काका अकसर काकी को सम्बोंधित करके रचनायें लिखा करते थे सो मैंने काकी की ओर से एक पत्र काका को लिख भेजा। महाकवि का उदारता स्वरूप तत्काल उत्तर आया। अपना पत्र और काका का उत्तर आपको, उदारता की प्रत्याशा में  प्रेषित […]






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