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कल्याणकारी योजनाओं में आधार का पेंच

2007 में शुरू की गई मिड डे मील भारत की सबसे सफल सामाजिक नीतियों में से एक है, जिससे होने वाले लाभों को हम स्कूलों में बच्चों कि उपस्थिति बाल पोषण के रूप में देख सकते हैं. आज मिड डे मील स्कीम के तहत देश में 12 लाख स्कूलों के 12 करोड़ बच्चों को दोपहर […]






मोदी चुपचाप क्यो बैठे है दुम दबाकर ?

महेश झालानी आज देश की विदेश नीति का ऐसा बंटाधार कर दिया गया है कि संकट की स्थिति में भारत का साथ देने वाला कोई देश नही है। अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, जर्मनी तथा ब्रिटेन आदि देश भारत मे माल बेचने को तो लालायित है, लेकिन संकट की घड़ी में सब के सब मुँह फेरने […]






मजदूरों के लिए विपरीत समय

यह एक जटिल और कन्फ्यूज़्ड समय है, जहां बदलाव की गति इतनी तेज और व्यापक है कि उसे ठीक से दर्ज करना भी मुश्किल हो रहा है. पूरी दुनिया में एक खास तरह की बैचनी महसूस की जा रही है. पुराने मॉडल और मिथ टूट रहे हैं. यहाँ तक कि अमरीका और यूरोप जैसे लोकतान्त्रिक […]






क्यों थे द्रौपदी के पांच पति

महाभारत ग्रंथ के अनुसार एक बार राजा द्रुपद पांडवों से पराजित होने के कारण परेशान थे। जब से द्रोणाचार्य के कारण युद्ध में उनकी हार हुई, उन्हें एक पल भी चैन नहीं था। राजा द्रुपद चिंता के कारण कमजोर हो गए। वे द्रोणाचार्य को मारने वाले पुत्र की चाह में एक आश्रम से दूसरे आश्रम […]






लोगों को दिख रहा है योगी सरकार की हनक, एक सूचना पर गाय की सुधि लेने पहुंचे अफसर

कैलाश मानसरोवर यात्रियों को अनुदान हिन्दु श्रद्धालुओं का सम्मान : भानु वाराणसी। सपा सरकार में अधिकारियों से कितनी भी शिकायत करिये उसका कोई असर नहीं होता था लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार में स्थिति बदल चुकी है। उक्त बातें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए समाजसेवी/पत्रकार व अधिवक्ता मनीष कुमार सिंह ने कहा है कि उन्होंने […]






विद्यायल बनाम स्कूल

मित्रों आज जिस विषय पर मैं अपने व्यक्तिगत विचार व्यक्त करने जा रहा हूँ कही न कही इस गंभीर समस्या से प्रत्येक परिवार को गुजरना पड़ा होगा क्योंकि आज जिस प्रकार से शिक्षा के क्षेत्र में नए नए आयामो के साथ आधुनिकता को जोड़ा जा रहा है अभिवावक बंधुओ को अनेक प्रकार के कठिनाइयों का […]






अछूत का सवाल

सुजीत मिथलेश श्रीवास्तव हमारे देश जैसे बुरे हालात किसी दूसरे देश के नहीं हुए। यहाँ अजब-अजब सवाल उठते रहते हैं। एक अहम सवाल अछूत-समस्या है। समस्या यह है कि 30 करोड़ की जनसंख्या वाले देश में जो 6 करोड़ लोग अछूत कहलाते हैं, उनके स्पर्श-मात्र से धर्मभ्रष्ट हो जायेगा! उनके मन्दिरों में प्रवेश से देवगण […]






तीन तलाक समान नागरिक संहिता और मोदी सरकार

जावेद अनीस समान नागरिक संहिता ;यूनिफार्म सिविल कोडद्ध स्वतंत्र भारत के कुछ सबसे विवादित मुद्दों में से एक रहा हैण् वर्तमान में केंद्र की सत्ता पर काबिज पार्टी और उसके पितृ संगठन द्वारा इस मुद्दे को लम्बे समय से उठाया जाता रहा है ण्यूनिफार्म सिविल कोड को लागू कराना उनके हिन्दुतत्व के एजेंडे का एक […]






गौ मांस भक्षण के समर्थक कौन ?

    डा. रुद्रदत्त चतुर्वेदी एक टी.वी. चैनल ने न्यायमूर्ति (अ.प्रा.) सोढ़ी द्वारा गो-मांस भक्षण की चर्चा छेड़कर पुनः एक सामाजिक विद्वेष की स्थिति पैदा कर दी है। अतः आवश्यक हो गया है कि यह बताया जावे कि गो मास भक्षण की वकालत कौन करते है ? 1-    पहिली क्षेणी में वे व्यक्ति हैं जिन्हें इस […]






सावित्रीबाई फुले जिन्होंने भारतीय स्त्रियों को शिक्षा की राह दिखाई  

उपासना बेहार “…..ज्ञान बिना सब कुछ खो जावे, बुद्धि बिना हम पशु हो जावें, अपना वक्त न करो बर्बाद, जाओ, जाकर शिक्षा पाओ……” सावित्रीबाई फुले की कविता का अंश   अगर सावित्रीबाई फुले को प्रथम महिला शिक्षिका, प्रथम शिक्षाविद् और महिलाओं की मुक्तिदाता कहें तो कोई भी अतिशयोक्ति नही होगी, वो कवयित्री, अध्यापिका, समाजसेविका थीं. […]






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